छत्तीसगढ़

कैलाश गुफा के पास 16 हाथियों का डेरा, 10 हजार कांवड़ियों की सुरक्षा बनी चुनौती

SHIDDHANT
16 Aug 2026 6:21 PM IST
कैलाश गुफा के पास 16 हाथियों का डेरा, 10 हजार कांवड़ियों की सुरक्षा बनी चुनौती
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Jashpur जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रसिद्ध कैलाश गुफा में जलाभिषेक के लिए हजारों कांवड़ियों के पहुंचने से पहले हाथियों की मौजूदगी ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बगीचा वन परिक्षेत्र के मैनी-बिमड़ा जंगलों में इन दिनों 16 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। कैलाश गुफा के मेला स्थल के नजदीक एक ग्रामीण पर हाथियों के हमले की घटना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं और आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मैनी-बिमड़ा के जंगलों में 16 हाथियों का दल मौजूद है। हाथियों की लगातार आवाजाही से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसी बीच कैलाश गुफा के पास मेला स्थल के नजदीक एक ग्रामीण हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद कैलाश गुफा जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। प्रसिद्ध कैलाश गुफा में सावन के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। विशेष रूप से सावन सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार बलरामपुर जिले के श्रीकोट से करीब 10 हजार कांवड़िए पवित्र जल लेकर कैलाश गुफा की ओर रवाना हुए हैं। कांवड़िए यहां स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। ऐसे में एक तरफ हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही और दूसरी तरफ हाथियों के दल की मौजूदगी ने वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
हाथियों की हर गतिविधि पर नजर
वन विभाग की टीमें हाथियों के मूवमेंट की लगातार निगरानी कर रही हैं। जिन इलाकों में हाथियों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है, वहां ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सावधान किया जा रहा है। लोगों से हाथियों के करीब नहीं जाने और जंगल के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है। कैलाश गुफा में हजारों कांवड़ियों के पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। हाथियों का दल श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्ग की तरफ न पहुंचे, इसके लिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। मेला स्थल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
पहले भी जान ले चुके हैं हाथी
जशपुर जिले में हाल के दिनों में हाथियों के हमले की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। इससे पहले घुघरी कदमटोली गांव में हाथियों के दल ने जंगल किनारे बने एक झोपड़ीनुमा कच्चे मकान पर हमला कर दिया था। उस दौरान घर में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई थी। अब कैलाश गुफा के पास ग्रामीण पर हुए हमले ने एक बार फिर खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। कैलाश गुफा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के मद्देनजर वन विभाग के लिए आने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण है। विभाग की प्राथमिकता कांवड़ियों और स्थानीय ग्रामीणों को सुरक्षित रखते हुए हाथियों के साथ किसी भी तरह के आमने-सामने की स्थिति को रोकना है।
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